कैसे जलेगा घर का चूल्हा, आखिर कब मिलेगी इस समस्या से मुक्ति
झारखंड सवेरा यूपी
ईरान इजरायल युद्ध के बीच उपजा ईंधन संकट के बीच एलपीजी सिलेंडर का इंतजाम करना भारी लगने लगा है। ईरान इजरायल युद्ध के कारण नगर मे सिलेंडर के लिए युद्ध होने लगा है। ऐसा पहले कभी यह दिन देखने को नहीं मिला था। नगर में बहुत से ऐसे घर हैं जहां शादियों की खुशियों के बीच एलपीजी सिलेंडर की तलाश आफत बन गई है। ऑनलाइन बुकिंग अधिक होने से सर्वर फेल हो जाने से कनेक्शनधारी उपभोक्ता भी सिलेंडर नहीं ले पा रहें। हालांकि एलपीजी एजेंसी वालो का कहना है कि सिलेंडर की थोड़ी किल्लत है लेकिन कनेक्शनधारी उपभोक्ता सिलेंडर बुक कर ओटीपी बताए तुरंत सिलेंडर दिया जा रहा है। वही क्षेत्र में जिनके घरो मे शादी का आयोजन है वो निर्धारित रेट से ज्यादा देकर सिलेंडर खरीदने का कोशीश कर रहे है।नगर क्षेत्र के गैस गोदाम है जहां सिलेंडर की किल्लत से गोदाम बंद रह रहे है।
*उर्जांचल क्षेत्र मे कोयले की खदान होने पर भी नहीं मिल पा रहा पर्याप्त कोयला।*
ईंधन संकट के बीच लकड़ी, कोयला, डिजल भठठी, इलेक्ट्रानिकस् उपकरण बन रहा सहारा। अनपरा परिक्षेत्र मे कोल खदान, रेलवे साईडिंग पर गिरा कोयला को मजदूर चूनकर उसे बजार मे 100रू मे एक बोरी लगभग 20 किलो कोयला बेचते थे। लेकिन कोयले कि खपत बड़ जाने से अब वो भी पर्याप्त कोयला नही मिल पा रहा है। मजदूर कोयला खदानो मे घूसने लगे कोयला चोरी के लिए जहा सुरक्षाकर्मीयों ने उन्हे भगा दे रहे है।
डिजल भठठी, इलेक्ट्रानिकस् उपकरण की मांग बढ़ी
नगर मे एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और रसोई गैस को लेकर अफरा तफरी गैस बुक न होने के कारण बिना ओटीपी सिलेंडर न मिलने के कारण बाजार में एलजी की कमी से परेशान लोगो ने डिजल भट्टी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की तरफ रूह कर लिया। अनपरा बाजार मे मौजूद इलेक्ट्रॉनिक दुकान के संचालक विकास विश्वकर्मा ने बताया कि इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रॉनिक कुकर, डीजल चूल्हा, इलेक्ट्रॉनिक कूलर की मांग बढ़ गई है खरीदने के लिए लोगों की भीड़ काफी देखने को पाई जा रही है इंडक्शन चूल्हे वहीं होटल रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट कारोबारी भी कॉम्बी ओवन इलेक्ट्रिक राइस कुकर इंडक्शन चूल्हा जैसे उपकरण खरीदने के लिए दुकान पर खुब आ रहे हैं।







