जरहा रेंज में बेखौफ अवैध बालू खनन रात भर ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट से ग्रामीण परेशान
झारखंड सवेरा यूपी
बीजपुर(सोनभद्र)रेणुकूट वन प्रभाग के जरहा वन रेंज में प्रतिबंधित नदी-नालों से अवैध बालू खनन और परिवहन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।वन विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की कथित चुप्पी के चलते माफिया प्राकृतिक संपदा को जमकर नुकसान पहुँचा रहे हैं।क्षेत्र की बिच्छी नदी,मोखना,डीगुल और अजिर नदी सहित विभिन्न छोटे-बड़े नदी नालों से रोजाना भारी मात्रा में बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।आलम यह है कि रात ढलते ही इन शांत इलाकों में ट्रैक्टरों और टिपरो की गड़गड़ाहट शुरू हो जाती है जो पूरी रात जारी रहती है।अवैध खनन के इस शोर ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात भर चलने वाले भारी वाहनों के शोर के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।परीक्षाओं के समय में भी तेज शोर के कारण बच्चे एकाग्रता से पढ़ नहीं पा रहे हैं।सूत्रों की मानें तो इस काले कारोबार में कुछ सफेदपोश ग्राम प्रधान भी सीधे तौर पर शामिल हैं।अवैध रूप से निकाला गया बालू और बोल्डर गांवों में चल रहे सरकारी विकास कार्यों और निजी भवन निर्माणों में धड़ल्ले से खपाया जा रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी धृतराष्ट्र बने हुए हैं।लगातार हो रहे अवैध खनन से नदियों का स्वरूप बिगड़ रहा है और क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है।यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में पर्यावरण और जल स्तर पर इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट करा कर गुहार लगायी है कि तत्काल क्षेत्र हो रहे अवैध खनन पर लगाम लगायी जाए।







