9 लाख के सोना-चांदी से भरा बैग लूटकर फरार हुए अपराधी, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
विशुनपुरा में दिनदहाड़े लूट, एक माह में दूसरी बड़ी वारदात से दहशत
आशुतोष, विशुनपुरा
प्रखंड मुख्यालय विशुनपुरा में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब दिनदहाड़े व्यस्त बाजार इलाके में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। मंगलवार की शाम लाल चौक के पास बाइक पर रखा सोना-चांदी से भरा बैग लूटकर अपराधी फरार हो गए। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पुलिस-प्रशासन की सक्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशुनपुरा निवासी अमित गुप्ता मंगलवार की शाम देहात से लौटने के बाद लाल चौक स्थित मनीष पासवान की दुकान के सामने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो लुटेरे मौके का फायदा उठाते हुए मोटरसाइकिल पर रखा सोना-चांदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। भुक्तभोगी अमित गुप्ता ने बताया कि बैग में करीब 9 लाख रुपये मूल्य का सोना-चांदी और 6 हजार रुपये नकद मौजूद था। घटना के तुरंत बाद उन्होंने कुछ दूरी तक लुटेरों का पीछा भी किया, लेकिन अपराधी तेजी से भाग निकलने में सफल रहे। अमित गुप्ता ने यह भी बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व उनकी मोटरसाइकिल की चोरी भी हो चुकी है, जिसकी शिकायत विशुनपुरा थाना में दर्ज कराई गई थी। बावजूद इसके, आज तक न तो चोरी का खुलासा हुआ और न ही वाहन का कोई सुराग मिल सका। गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। एक माह के भीतर सोना-चांदी से जुड़ी यह दूसरी बड़ी वारदात है। इससे पहले अपर बाजार स्थित शुभलक्ष्मी वस्त्रालय सह ज्वेलर्स दुकान में करीब 40 लाख रुपये की चोरी हुई थी, जिसका भी अब तक पुलिस कोई ठोस खुलासा नहीं कर पाई है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से पूरे बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल है। चौक-चौराहों पर लूट की चर्चाएं आम हो गई हैं। व्यापारी वर्ग खासा सहमा हुआ है और अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जता रहा है।स्थानीय लोगों और व्यवसायियों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस गश्ती बढ़ाई जाती और पूर्व की घटनाओं का शीघ्र उद्भेदन किया जाता, तो शायद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली के कारण अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि विशुनपुरा प्रशासन इस घटना के बाद कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या पुलिस अपराधियों को पकड़ने में सफल हो पाती है या नहीं।







