शक्तिनगर परिक्षेत्र में कबाड़ियों का आतंक, दिनदहाड़े हो रही है चोरियां  झारखंड सवेरा यूपी

शक्तिनगर परिक्षेत्र में कबाड़ियों का आतंक, दिनदहाड़े हो रही है चोरियां 

झारखंड सवेरा यूपी 

शक्तिनगर, सोनभद्र :  शक्तिनगर परिक्षेत्र में कबाड़ियों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि अब यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि संविधान में प्रदत्त नागरिक अधिकारों के खुले उल्लंघन का मामला बन चुका है। नए थाना प्रभारी की तैनाती के बाद जहां क्षेत्र में सख्ती की उम्मीद थी, वहीं स्थिति इसके ठीक उलट नजर आ रही है।

बच्चों के खेल मैदान पर अवैध कब्जा, संविधान का सीधा उल्लंघन

कबाड़ियों द्वारा बच्चों के खेलने के मैदान पर अवैध कब्जा कर उसे स्क्रैप यार्ड में तब्दील कर दिया गया है। यह न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि अनुच्छेद 21 (जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) अनुच्छेद 21A (बच्चों का शिक्षा व सुरक्षित वातावरण का अधिकार) जेजे एक्ट 2015 (बाल संरक्षण कानून) का सीधा उल्लंघन है। बच्चों से उनका खेल का अधिकार छीनना, उनके शारीरिक व मानसिक विकास के साथ खुला खिलवाड़ है।

एनसीएल की संपत्ति पर सेंध, दिनदहाड़े चोरी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कबाड़ी गिरोह एनसीएल की संपत्तियों को दिनदहाड़े काटकर कबाड़ में तब्दील कर रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यह मामला सीधे तौर परराष्ट्रीय संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।कबाड़ियों द्वारा सड़क के दोनों पटरियों पर भारी वाहन और कबाड़ खड़ा कर दिया गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। क्षेत्र में हो रही अधिकांश दुर्घटनाओं का कारण यही अवैध कब्जा बताया जा रहा है, फिर भी। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 122के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

खबरें छपीं, सोशल मीडिया पर शिकायतें हुईं, फिर भी कार्रवाई शून्य

हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले को लेकर कई अखबारों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, ट्विटर (X) पर शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन शक्तिनगर पुलिस अब तक केवल मुखदर्शक बनी हुई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासनिक चुप्पी से कबाड़ियों के हौसले बुलंद

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो कबाड़ियों का नेटवर्क और मजबूत होगा, जिससे अपराध बढ़ेंगे और दुर्घटनाओं में इजाफा होगा

बच्चों का भविष्य अंधकारमय होगा

और एनसीएल जैसी सार्वजनिक संस्थाएं लगातार लूटी जाती रहेंगी

जनता की मांग

अब क्षेत्रवासियों की स्पष्ट मांग है किबच्चों के खेल मैदान को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाएकबाड़ी गिरोह पर संगठित अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज हो एनसीएल संपत्ति चोरी की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए

लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय हो

यदि अब भी प्रशासन ने आंखें मूंदे रखीं, तो यह माना जाएगा कि कबाड़ियों के इस आतंक को मौन स्वीकृति दी जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की होगी।

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