औद्योगिक लापरवाही से बीजपुर में राख का जहर सोख रहा ग्रामीणों की सांसें प्रबंधन मौन
उपेंद्र तिवारी सोनभद्र
बीजपुर(सोनभद्र)विकास की अंधी दौड़ और औद्योगिक लापरवाही ने सोनभद्र के बीजपुर क्षेत्र में जनजीवन को दांव पर लगा दिया है।एनटीपीसी रिहंद परियोजना के सिरसोती एम.जी.आर. गेट के पास इन दिनों नियम-कानूनों को ताक पर रखकर राख का जो खेल चल रहा है वह अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए डेथ वारंट बनता जा रहा है।ताजा मामला सिरसोती एम.जी.आर. गेट के पास का है जहाँ राख बांध से राख ढो रहे ओवरलोड ट्रक बिना तिरपाल के फर्राटा भर रहे हैं।सड़क किनारे राख को अवैध तरीके से डंप किया जा रहा है जहाँ से इसे मालगाड़ियों में लोड किया जाता है।लोडिंग के दौरान उठने वाले धूल के गुबार ने पूरे क्षेत्र को अपनी आगोश में ले लिया है।पहले से ही चिमनियों के धुएं और ऐश डैम के प्रदूषण से जूझ रहे बीजपुर और आसपास के ग्रामीणों के लिए अब यह नई मुसीबत जानलेवा साबित हो रही है।उड़ती हुई राख सीधे लोगों के फेफड़ों में पहुँच रही है जिससे टीबी, दमा और एलर्जी जैसे गंभीर रोगों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।बैढन मुख्य मार्ग होने के कारण यहाँ से गुजरने वाले राहगीरों की आँखों में राख गिरने से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।डस्ट के कारण पास के बस्तियों में घरों के अंदर रखे खाने-पीने के सामान और कपड़े भी राख की परत से ढके नजर आ रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनटीपीसी प्रबंधन मुनाफे के चक्कर में पर्यावरण मानकों की सरेआम अनदेखी कर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार राख का परिवहन पूरी तरह ढंककर होना चाहिए और लोडिंग पॉइंट पर लगातार पानी का छिड़काव अनिवार्य है लेकिन यहाँ इन नियमों का नामोनिशान नहीं दिख रहा।ग्रामीणों ने बताया कि हम पहले ही प्रदूषण की मार झेल रहे थे अब यह राख हमारे अस्तित्व को खत्म कर रही है।यदि एनटीपीसी ने तत्काल लोडिंग बंद नहीं की या धूल रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए तो हम उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सोनभद्र का ध्यान आकृष्ट करा कर मांग की है कि बिना तिरपाल के चल रहे ट्रकों को तत्काल सीज किया जाए।रिहायशी इलाकों के पास राख की डंपिंग और लोडिंग पर रोक लगे।लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई हो।





